सतना-सेमरिया मार्ग की जर्जर हालत से नाराज ग्रामीणों ने 30 मार्च को जल सत्याग्रह का ऐलान किया है। टेंडर के बावजूद निर्माण कार्य शुरू न होने से लोगों में भारी आक्रोश है।
सतना-सेमरिया मार्ग की जर्जर हालत से लोग परेशान हैं। करीब पांच करोड़ के टेंडर के बावजूद डामरीकरण शुरू नहीं हुआ। तीन साल से सैकड़ों गड्ढों वाली सड़क पर पैचवर्क हो रहा है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
कोठी से सिंहपुर मार्ग की सड़कें अब जर्जर होकर हादसों को न्योता दे रही हैं। गड्ढों से भरी इस सड़क पर वाहन चलाना जोखिम भरा हो गया है। विभाग की लापरवाही और मेंटेनेंस में अनियमितता के कारण सड़कें बीमार हैं और मरम्मत का कोई इंतजाम नहीं। स्थानीय लोग आंदोलन के मूड में हैं और प्रशासन पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। सड़कों की बिगड़ी हालत से यात्रियों को शारीरिक और आर्थिक दोनों नुकसान झेलने पड़ रहे हैं।
कोठी के झाली चौराहे के पास सुंदरा-सेमरिया मार्ग पर सड़क धसकने से बना गड्ढा हादसों को दावत दे रहा है। लगातार बारिश से गड्ढा और बड़ा हो गया है, जिससे जानवर घायल हो चुके हैं और बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।
सुंदरा-सेमरिया राज्य मार्ग और आसपास की सड़कों की हालत बदहाल है। जगह-जगह गड्ढे, टूटी पटरी और जर्जर डामर से लोगों का सफर मुश्किल हो गया है। मेंटेनेंस के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च दिखाए जा रहे हैं, लेकिन हकीकत में केवल खानापूर्ति हो रही है। 20 किलोमीटर के इस मार्ग पर अनगिनत गड्ढों से आए दिन हादसे हो रहे हैं।

















